नमस्ते दोस्तों आज मै एक बार फिर लेकर आया हूँ आपके बीच एक बेहद ही कमाल की Stories of Hindi with Moral तो आइये इसे मैं और आप एक साथ पढ़ते है और कैसी लगी ये कहानी कमेंट करके हमे जरुर बताए

ये कहानी एक ऐसे लड़के की है जो एक बहुत ही आलसी लड़का था और हर काम को अगले दिन पर टाल देता था और एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिससे उसके सारे सपने अधूरे रह गए

Motivational Hindi Story

अगर आपसे कोई पूछेगा  कि आपके पास बहुत पैसा हो मतलब अगर कही से बहुत सारा पैसा जायेगा तो आप क्या करेंगे तो सबसे पहले आप सपने देखने लगेंगे


आप सोचने लगेंगे कि अगर आपके पास बहुत सारा पैसा जायेगा तो आप यहा जायेंगे, ये करेंगे, ये ख़रीदेंगे मिला-जुला कर आप उस पैसे को कैसे खर्च करें ये सोचने लगेंगे

ऐसी ही आज की हमारी कहानी है, एक बार की बात है एक आश्रम में एक गुरूजी के साथ एक शिष्य रहता था जो कि बहुत आलसी था हमेशा खाता और सोता रहता था और बड़े बड़े सपने देखता रहता था

की मेरे पास ये होगा, मैं यहा जाउंगा, महंगी-महंगी गाड़ियों में घूमूँगा, महंगे होटलों में खाना खाऊंगा और भी बहुत कुछ पर वो बहुत आलसी था वो कुछ काम नही करता था वो आज का काम कल, कल का काम परसों, बस टालता रहता था

और गुरूजी को समझ नहीं रहा था की वो अपने शिष्य को समझाए तो समझाए कैसे 


Hindi Story Moral

एक दिन उनके दिमाग में एक तरकीब सूझी और उन्होंने अपने शिष्य को अपने पास बुलाया उनका शिष्य उनके पास आया और बोला गुरूजी आपने मुझे बुलाया है ?

गुरूजी : हां मैंने तुम्हे बुलाया है मैंने पूरे आश्रम का निरीक्षण किया और मुझे उनमें से सिर्फ तुम्ही सबसे होशियार और मेहनती लगे

और गुरूजी ने उसके अपने करीब बुलाया और उसे एक पत्थर देते हुए कहा शिष्य ये एक जादुई काला  पत्थर है इसे तुम जिस लोहे में स्पर्श करोगे वो सोना बन जायेगा मै 2 दिन के लिए आश्रम से जा रहा हूँ

तब तक तुम इस पत्थर का इस्तेमाल कर सकते हो पर याद रहे तुम्हारे पास सिर्फ दो दिन का वक्त है मै कल सूर्यास्त तक वापस जाऊंगा और तुम्हे इसे मुझे लौटना होगा इतना कह कर गुरूजी वहा से चले गए

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कभी नहीं कहोगे कल से करूँगा | Moral Stories in Hindi

क्योंकि वो शिष्य बहुत आलसी था आज का काम कल पर टालता था उसने सोचा की अभी तो दो दिन है, मै कल कर लूंगा, आज आराम कर लूँ जैसे ही ये पत्थर उस शिष्य को मिला वो सोचने की इस पत्थर से मैं ये करूंगा

वो करूँगा, बहुत सारा लोहा सोने मे बदल दूंगा और उसे बेच कर बहुत धनि हो जाऊँगा, मै दुनिया की जो चीज मुझे चाहिए चाहे वो जितनी भी महंगी हो खरीद लूंगा, और ऐसे ही सपना देखते हुए उस लड़के ने पूरा दिन निकाल दिया

अगले दिन जब सूर्योदय हुआ तो उसने सोचा की आज तो आखिरी दिन है और मुझे आज तो करना ही है पर आज का पूरा दिन है मेरे पास मैं दोपहर में बाजार जाऊंगा और लोहा खरीद के घर ले आऊंगा

और इस काले पत्थर से उसे छूकर सोना बना दूंगा और मेरे सरे सपने पुरे हो जायेंगे  क्योंकि आज शाम में तो गुरूजी ही जायेंगे


Motivational Story in Hindi for Success

दोपहर हुआ फिर उसने सोचा कि मैं खाना खा लेता हूँ फिर मैं बाजार चलूँगा क्योकि मुझे बाजार जाने और लोहा खरीदने में काफी वक्त लगेगा इस बीच मुझे भूख ना लगे मिला जुलाकर उसने खुद को तसल्ली दे दी

और खाना खाने लगा खाना खाने के बाद उसे बहुत जोर की नींद आने लगी फिर उसने सोचा कि बस थोड़ी देर आराम कर लेता हूँ फिर मैं चलूंगा

और वो आराम करने लगा और लेटे-लेटे कब उसकी आँख लग गयी उसे पता ही नही चला जब उसकी नींद खुली तो सूर्यास्त हो चुक्का था वो तुरंत उठा और भागते-भागते बाजार गया पर रस्ते में ही उसे गुरूजी मिल गए और उन्होंने वो पत्थर वापस ले लिया

अब वो लडका निराश हो गया उसके पास पछताने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा

Moral of the Story in Hindi

अब आप ये सोच रहे होंगे की अगर आप उसकी जगह होते तो आप उसी वक्त लोहा खरीदते और उसे सोना बना देते पर ये आप भी जानते है की ये कहानी बस एक कल्पना मात्र है क्योंकि शायद ऐसा कोई काला पत्थर होता ही नही है

पर असली जिंदगी में भी हम यही कर रहे है हमारे सपने तो बहुत बड़े-बड़े है की महँगी गाडिया हो, अच्छे कपडे हो और भी बहुत कुछ, पर क्या हम उन सपनो को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहे है

नही हम दो दिन कोशिश करते है और बस Excuse देने लगते है की यार हम तो इसकी वजह से नहीं कर पा रहे है ये हो जाये तो करेंगे

दिवाली के बाद करेंगे अरे यार मामा की शादी गयी चलो इसके बाद पक्का करेंगे पर क्या हम जो Excuse दे रहे है वो सही है आपका मन भी जानता है की आप उस काम को इसलिये नही कर रहे है क्योंकि आपका मन नहीं है ना की किसी काम की वजह से

अगर आपको सफल होना है तो आपको तो वो काम करना ही पड़ेगा किसी भी हाल में वर्ना आपके सपने कभी पूरे नही होंगे और आपके पास भी उस लड़के की तरह पछताने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा

तो आज से ही अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करना शुरू करे बिना किसी Excuse के क्योकि सफलता Excuse नही मेहनत देखती है
सफलता एक दिन में तो नहीं मिलती पर एक दिन जरूर मिलती है

इसी के साथ मई आपसे विदा लेता हूँ दोस्तों कैसे लगी ये Moral of the Story in Hindi हमे नीचे कमेंट करके जरुर बताएं

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